Weight Loss Tips After Pregnancy in Hindi

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गर्भावस्था के बाद वजन घटाने के तरीके

गर्भावस्था के नौ महीने के दोरान ज्यादातर महिलाओं का वजन बढ़ जाता है। पेट मे बच्चे को पोषण देने के लिए, सभी प्रकार के पोष्टिक खाद्य पदार्थों का उपभोग करना जरूरी होता है और किसी भी वजय से भूखे रहने से भी बचना चाहिए। हालांकि यह दुनिया में सबसे सुंदर और लंबी प्रक्रिया है, लेकिन महिलाओं को अक्सर इस समय बढ़े हुए वजन की शिकायत होती हैं। गर्भावस्था के बाद वजन कम कर करने मे लम्बा समय लगता हैं। गर्भावस्था कई अलग-अलग तरीकों से औरत के लिए बाद मे कई परेशानियों का कारण बनती है। आयुर्वेद सभी समस्याओं को पूरी तरह से प्राकृतिक तरीके से व्यक्ति मे खत्म करने में मदद करता हैं। आयुर्वेद ने लंबे समय के बाद काफी रफ्तार पकड़ ली है। आयुर्वेद के परिणाम बहुत ही जल्दी धिकने लगते हैं और साइड इफेक्ट से भी मुक्त होते हैं। अगर, आयुर्वेद काम नहीं करता तब भी वह कोई नुकसान नही देता। यहाँ गर्भावस्था के बाद वजन कम करने के लिए कुछ आयुर्वेदिक तरीके दिये गये है:

1. एक यथार्थवादी लक्ष्य निर्धारित करें। आपका बच्चा भोजन के लिए आप पर निर्भर होता है इसलिए आप अपने आप को भूखा किसी भी कारण से नही रखन चाहिए। एक ऐसा वजन घटाने के लिए लक्ष्य निर्धारित करें जिसे की आप पूरा कर सके।

2. नींद पूरी करनी बहुत ही जरूरी होती है। गर्भावस्था के बाद, शरीर कमजोर हो जाता है इसलिए अच्छी तरह से विश्राम करना जरूरी होता है।

3. गर्भवस्था के बाद बच्चे को स्तनपान करने से वजन घटने मे और मांसपेशियों मजबूत बनाने मे मदद मिलती हैंI स्तनपान कराने से न केवल वजन को कम करने में मदद मिलती है, बल्कि यह बच्चे को स्वस्थ और फिट रखने में भी मदद करता है।

4. योगा दुनिया भर में व्यायाम के लिए एक प्रभावी तरीका माना जाता है। गर्भावस्था के बाद योगा करने से होर्मोनेस कम करके वजन घटाने में मदद मिलती हैं।यह अंतिम प्रक्रिया है, लेकिन सबसे प्रभावी होती है।

5. कठोर व्यायाम तुरंत गर्भावस्था के बाद अस्वस्थ और खतरनाक भी होता है। तो जिम से बचे और चले या दौडे।

6. विशेषज्ञ की मदद से एक आयुर्वेदिक भोजन योजना अपनाये। इस आहार मे आपके शरीर के लिए सभी आवश्यक पोषण शामिल होंगे, लेकिन यह तब भी आपको वजन कम करने मे मदद करेगा। यहाँ तक कि जब आप बच्चे को स्तनपान करायेंगे, यह आयुर्वेदिक आहार बच्चे के विकास में बाधा नहीं डालेगा।

7. हमारे शरीर 70% पानी से बना होता हैं। हालांकि, तब भी शरीर बहुत जल्दी निर्जलित हो जाता हैं। हाइड्रेटेड रहने के लिए दिन भर पानी पीते रहना चाहिए। पानी शरीर से विषाक्त पदार्थों को खत्म करता है और आप ताजा महसूर कर पाते है।

8. सोडा और कोला जैसे पेय पदार्थो से बचें। हर्बल चाय का सेवन करे जिसमे अदरक, चाय की पत्तियाँ, तुलसी के पत्ते और अन्य सामग्री शामिल हो।

9. ध्यान प्राणायाम गर्भावस्था के बाद शरीर मे जित्तेरी नामक की नसों को शांत रखने मे मदद करता है। यह दिमाग को भी शांत रखता है जिसे की तेजी से वजन कम करने में मदद मिलती है।

10. अपने आहार में सब्जियों और ताजे फल भी शामिल करे। अगर आप अपने आहार परिवर्तन चाहते है तो फ्लो का ताजा रस और सब्जियों के सूप का भी उपभोग कर सकते है।

हालांकि आयुर्वेद का कोई भी हानिकारक साइड इफेक्ट नही होता, लेकिन आपको हमेशा कुछ भी करने से पहले किसी विशेषज्ञ कि सलाह लेनी चाहिए ताकि आपके शरीर को कोई नुकसान न हो या आपको अपने नवजात बच्चे को पोषण देने की क्षमता में कोई बाधा आये।

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