Vastu for South Face Entrance for Office in Hindi

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दशिणमुखी से कार्यालय में आने का वास्तु

वास्तु का हमारे जीवन में बहुत महत्व माना जाता है। हमारे पूर्वजो ने हमे ये एक ऐसी चीज दी है जो हमे सही-गलत पहचाने में मदद करती है। ऐसा माना जाता है की जयपुर जैसे बड़े-बड़े शहर भी वास्तु के हिसाब से ही बने हुऐ है। वास्तु हमे घर और दूकान सही समय और सही जगह पर बनवाने में मदद करता है। आपको भी इसका इस्तमाल जरुर करना चाहिए और आपको जरुर अपनी जिंदगी में बड़ा बदलाव धिकेगा।

क्या होता है अगर आप दशिणमुखी प्रवेश द्वार अपने ऑफिस का बनाते है।

वास्तु शास्त्र के हिसाब से दक्षिण दिशा सबसे खराब मानी जाती है। अगर आप सोच रहे है की आप अपने ऑफिस का प्रवेश द्वार दक्षिण की तरफ से बनवायेंगे तो आप ऐसा भूल कर भी मत कीजियेगा। ऐसा करना आपके लिए बहुत ज्यादा नुक्सानदायक हो सकता है। ऐसा करते ही आपकी जिंदगी में संकट आना शुरू हो जायेंगे| उत्तर दिशा की तरफ दूकान या ऑफिस होने से आपको पॉजिटिव एनर्जी मिलेगी और आपका व्यापार भी बड़ेगा।

कभी भी कोई भी चीज मुख्य द्वार पर नही लगानी चाहिए जो की अन्दर आने में दिक्कत दे। ऑफिस को इस तरह से बनाना चाहिए जिसमे लोग उत्तर या पूर्व दिशा की तरफ मुंह करके काम करे। ऐसा करने से वो काम अच्छे से कर पाएंगे और आपका बिज़नस भी बड़ेगा। दूकान के मालिक को भी उत्तर या पूर्व दिशा की तरफ मुँह करके बेठना चाहिए। अगर आप कार्यालय या घर के लिए जगह लेने जा रहे है तो ध्यान रखियेगा की शेर्मुखी प्लाट इसके लिए सबसे बेहतरीन है जिसमे वह आगे से ज्यादा छोड़ा होता है और पीछे से थोडा कम।

अगर आप वास्तु के हिसाब से चलेंगे तो आप बेहद फायदेमंद रहेंगे। ऐसा करने से आपके ग्राहक बड़ेंगे, मुनाफा बड़ेगा और आपका बिज़नस ज्यादा से ज्यादा आगे बड़ेगा। ये सारी चीजे वास्तु में बताई गयी है जो की बहुत सारे लोगो ने अपनी जिंदगी में अजमाई है और पॉजिटिव रिजल्ट भी पाया है। आप भी जरुर इसे फॉलो करके देखे और फिर आपको खुद ही फर्क पता चल जाएगा।